Venus planet in hindi | खतरनाक ग्रह क्यों कहा जाता है

Venus planet in hindi । अम्लीय वर्षा वाला ग्रह के बारे में।

Venus planet in hindi

Venus planet in hindi आर्टिकल में आज हम जानेंगे Venus planet के बारे वोह भी आसान से आसान भाषा में।

Venus पृथ्वी का करीबी और सूर्य सबसे पास वाले ग्रहों में से एक है, Mercury planet के बाद दूसरे नंबर पर सूर्य के पास वाला ग्रह है। 

यह ग्रह सल्फ्यूरिक एसिड की कई किलोमीटर मोटी परतो से ढका हुआ है जिसके सर्फेस में हमारे सौरमंडल के सबसे विशाल वोल्केनो यानी ज्वालामुखी का राज है।

 

What is Venus planet called in hindi 

Venus planet को हिंदी में शुक्र ग्रह के नाम से जानते हैं Venus planet हमारे सौरमंडल का छटवा सबसे बड़ा ग्रह है शुक्र ग्रह कई मायनों में हमारी पृथ्वी के समान है जिसके कारण इसको पृथ्वी की बहन कहा जाता है, हमारे सौरमंडल में चंद्रमा के बाद सबसे ज्यादा चमकदार आकाशीय पिंड Venus planet ही है।

Venus planet information ।shukr grah Jankari 

हमारे सौरमंडल में केवल बुध और शुक्र ही ऐसे दो ग्रह है जिसके कोई प्राकृतिक उपग्रह नहीं है इसका कारण हमारे साइंटिस्ट सूर्य के नजदीकी बताते हैं उनका कहना है कि कोई भी पिंड इनकी कक्षा में आने से पहले ही सूर्य के गुरुत्वाकर्षण बल में फंस कर सूर्य से टकराकर नष्ट हो जाता है।

सूर्य के प्रकाश को शुक्र ग्रह तक पहुँचने में लगभग 6 मिनट लगते हैं व् इस प्रकाश को पृथ्वी तक पहुंचने में 8 मिनट 20 सेकंड लगते है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि शुक्र ग्रह का जन्म आज से 4 अरब साल पहले हुआ था शुक्र ग्रह अकेला ऐसा ग्रह है जिसका नाम महिला के नाम पर रखा गया है इसका नाम प्यार और सुंदरता के प्रतीक रोमन देवता Venus के नाम पर रखा गया है।

क्या जानते हैं कि Venus planet  का एक दिन उसके 1 साल से बड़ा होता है इसे सूर्य का चक्कर लगाने में 225 दिनों का समय लगता है वहीं से अपनी दूरी पर एक चक्कर लगाने में पृथ्वी के 243 दिनों का समय लगता है जोकी सौरमंडल में मौजूद सभी ग्रहों में से सबसे ज्यादा है।

इसका कारण यह है कि करोड़ों साल पहले एक विशाल पिंड इस ग्रह से टकराया था जिसने इस ग्रह को धीमा कर दिया Venus planet उन पांच ग्रहों में से एक है जिन्हें धरती से बिना किसी टेलीस्कोप के नग्न आंखों से देखा जा सकता है।

यह ग्रह व्यास में पृथ्वी के व्यास का 95% और मास में Earth का 80% है दोनों की सतह में क्रेटर कम है दोनों की घनत्व और रासायनिक संरचना में बेहद ही समानताए है। शुक्र ग्रह की सतह पर दबाव पृथ्वी की तुलना में 92 गुना ज्यादा है वीनस प्लेनेट पर चलना ऐसा होगा कि आप समुद्र के 1 किलोमीटर अंदर चल रहे हो जैसे-जैसे हम समुद्र के तल में जाते जाते हैं वैसे वैसे ही हम पर लगने वाला एटमॉस्फेयर प्रेशर भी बढ़ता जाता है।

रंग की बात करें तो शुक्र ग्रह का रंग हल्के पीले रंग का है क्योंकि इसका वायुमंडल सल्फ्यूरिक एसिड की बादलों कि कई किलोमीटर मोटी परतों से ढका हुआ है ये बादल शुक्र ग्रह की सतह को पूरी तरह से ढक लेते हैं शुक्र ग्रह का वायुमंडल carbon dioxide and nitrogen gas से मिलकर बना हुआ है यह बेहद ही घना है जिसके कारण इसके अंदर greenhouse gas effect होता है जिसके कारण यह हमारे सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह बन जाता है।

यहां का तापमान ही 462° तक चला जाता है जो कि इतना जादा है कि जिंक, शीशा और टीन जैसी धातुएं इस तापमान पर पिघल जाती हैं।

शुक्र ग्रह हमारे सोर मंडल का सबसे भयानक माहोल वाले ग्रहों में से एक है जहां सल्फ्यूरिक एसिड की बारिश होती हैं यहां आम तौर पे 350 किलो मीटर प्रति घंटे तेजी से हवाएं चलती है कभी कभी तो यह हवाएं 700 किलो मीटर प्रति घंटे तक पहुंच जाती हैं जोकि इतनी तेज है कि अभी तक धरती पर कभी भी बवंडर में भी ऐसी हवा नहीं चली।

surface about Venus planet in hindi

Venus planet surface in hindi

Venus planet के सर्फेस की बात की जाए तो शुक्र ग्रह पर सौरमंडल के सबसे भयानक और विशाल ज्वाला मुखी पाए जाते हैं . शुक्र ग्रह की सतह पर कोई भी छोटा गड्ढा नहीं है क्युकि इसके वायुमंडल में प्रवेश करने वाले क्षुद्रग्रह को इसकी सतह पर टकराने से पहले ही इसके वायुमंडल का दाब नष्ट कर देता है।

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शुक्र ग्रह पर सबसे ऊंचा पर्वत Maxwell Montes है, जोकि 8.8 किलोमीटर ऊँचा है जोकि उचाई के मामले में हमारे माउंट एवरेस्ट के लग भग समान है।

Venus planet का केंद्र लोहे रोकी, मेटल तथा सिलिकेट खनिज का बना हुआ है, वहीं इसका सर्फेस ज्वाला मुखी से निकले लावा और चटानो के सूखे टुकड़ों से बना है।

यह एक पूरी तरह से मृत भूमि है जिसमें अगली हल चल किसी ज्वाला मुखी की सक्रियता से ही होती हैं।

इस ग्रह की भूमध्यरेखीय परिधि 38,024.6 किमी और आयतन लगभग 928,415,345,893 घन किमी है Venus Planet का कुल क्षेत्रफल 460,234,317 वर्ग किलोमीटर है.

वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि अरबो साल पहले शुक्र की जलवायु पृथ्वी के समान रही होगी और इस ग्रह पर बड़ी मात्रा में पानी या महासागर रहे थे.हालांकि, अत्यधिक तापमान व् ग्रीनहाउस प्रभाव के कारण, यह पानी बहुत पहले उबल गया था और आज के समय में यह ग्रह बिल्कुल रहने लायक नहीं है।

फॉर मोर इंफो- Venus planet wikipedia

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